हिन्दू धर्म में चार युगों के अनुसार मनुष्यों की ऊँचाई में परिवर्तन के बारे में कई विवरण मौजूद हैं। कुछ प्रमुख विवरण निम्नलिखित हैं:
- सतयुग में: मनुष्यों की ऊँचाई लगभग 21 फीट (6.4 मीटर) तक होती थी। उनके शरीर में कोई रोग नहीं होता था, और वे बहुत स्वस्थ और बलशाली होते थे।
- त्रेतायुग में: मनुष्यों की ऊँचाई कम होकर लगभग 14 फीट (4.3 मीटर) तक हो गई थी। उनके शरीर में कुछ रोग होने शुरू हो गए थे, लेकिन वे अभी भी काफी स्वस्थ और बलशाली होते थे।
- द्वापरयुग में: मनुष्यों की ऊँचाई और भी कम होकर लगभग 7 फीट (2.1 मीटर) तक हो गई थी। उनके शरीर में कई रोग होते थे, और वे पहले की तुलना में कम स्वस्थ और बलशाली होते थे।
- कलियुग में: मनुष्यों की ऊँचाई सबसे कम है, और यह लगातार घटती जा रही है। वर्तमान समय में मनुष्यों की औसत ऊँचाई लगभग 5 फीट 5 इंच (1.65 मीटर) है।
इन विवरणों के अनुसार, मनुष्यों की ऊँचाई में कमी का मुख्य कारण अधर्म और पाप का बढ़ना माना जाता है। जैसे-जैसे अधर्म बढ़ता जाता है, मनुष्यों की शारीरिक क्षमता, बुद्धि और आयु में भी कमी होती जाती है।
नोट: यह धार्मिक मान्यता है, और वैज्ञानिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती।
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