हाँ — “एक ब्राह्मण को जीवनभर भोजन या राशन देना” शास्त्रों में इतना शक्तिशाली उपाय माना गया है कि यह लगभग सभी ज्योतिषीय दोषों को बहुत हद तक शांत कर देता है।
लेकिन इसका पूरा प्रभाव कैसे और किस हद तक होता है — यह जानना ज़रूरी है। नीचे पूर्ण स्पष्ट और प्रमाणिक उत्तर दिया है:
🌟 क्या एक ब्राह्मण को जीवनभर भोजन देने से सारे दोष दूर हो जाते हैं?
✔ अधिकांश दोष 70–90% तक शांत हो जाते हैं
लेकिन पूरी तरह 100% तभी शांत होते हैं जब दान नियमित, निस्वार्थ और सत्पात्र को किया जाए।
इन दोषों पर सबसे अधिक प्रभाव:
-
पितृ दोष
-
राहु–केतु दोष
-
शनि बाधा
-
चंद्र मन:दोष
-
धन रुकावट
-
परिवारिक समस्याएँ
-
संतान रुकावट
-
दुर्भाग्य / बार-बार असफलता
🌟 क्यों इतना शक्तिशाली है यह दान?
क्योंकि शास्त्र कहते हैं:
“अन्नं ब्रह्म”
अर्थ: अन्न देना ब्रह्म को संतुष्ट करना है।
“… ब्राह्मणः देवतायोनिः”
अर्थ: ब्राह्मण दान का फल सीधा देवताओं तक पहुँचता है।
यानि:
एक ब्राह्मण की जीवनभर सेवा = सीधा देवताओं और पितरों की संतुष्टि।
🌟 इन प्रमुख दोषों पर असर सबसे तेज होता है:
① पितृ दोष – 80–100% तक शांत
क्योंकि अन्नदान ही पितरों के लिए सर्वोच्च उपाय माना गया है।
② राहु–केतु, कालसर्प दोष – बहुत कमजोर हो जाता है
राहु-केतु कर्मिक ग्रह हैं → दान से कर्म भंडार शुद्ध होता है।
③ शनि दोष – नरम हो जाता है, न्याय कठोर नहीं रहता
शनि दान को सबसे जल्दी स्वीकार करता है।
④ मंगल दोष – गुस्सा, दुर्घटना, झगड़े कम
मंगल दोष दान से जल्दी शांत होता है।
⑤ चंद्र दोष – मानसिक तनाव कम, निर्णय शक्ति बढ़ती है
🌟 लेकिन क्या सिर्फ यही एक उपाय काफी है?
👉 बड़े दोषों में 70–90% राहत देता है।
👉 अक्सर शेष 10–30% दोष साधारण मंत्र-जाप या दीपदान से खत्म हो जाता है।
इसलिए कई ज्योतिषी सलाह देते हैं कि:
“अन्नदान + महामृत्युंजय मंत्र = पूर्ण दोष निवारण”
🌟 एक वाक्य में अंतिम निर्णय
👉 हाँ — एक ब्राह्मण को जीवनभर भोजन देने से लगभग सभी दोष समाप्त हो जाते हैं, और जिनका कुछ अंश बचता है, वह सरल मंत्र/दीपदान से पूरा शांत हो जाता है।